नमस्कार दोस्तों, आज हम बताने वाले हैं Types of Insurance तो सही और पूरी जानकारी के लिए कृपया आर्टिकल पूरा पढ़ें क्योंकि बीमा हमेशा अलग - अलग ज़रूरत और स्थिति के हिसाब से होता है।
Types of Insurance.
बीमा दो मुख्य प्रकार के होते हैं:
(1). जीवन बीमा (लाइफ इंश्योरेंस): इसमें पॉलिसी होल्डर की डेथ के बाद फैमिली को फाइनेंशियल सपोर्ट मिलता है. ये आपको लॉन्ग टर्म फाइनेंशियल सिक्योरिटी देता है.
(2). सामान्य बीमा (जनरल इंश्योरेंस): इसमें आप अपनी प्रॉपर्टी, हैल्थ, वाहन, या लाइबिलिटी के खिलाफ प्रोटेक्शन के लिए पॉलिसी लेते हैं. ये शॉर्ट टर्म रिस्क के खिलाफ सुरक्षा देता है.
इनमे हर प्रकार का बीमा अलग - अलग जरूरत और सिचुएशन के हिसाब से होती है.
लाइफ इंश्योरेंस क्या होता है?
जीवन बीमा (लाइफ इंश्योरेंस) एक फाइनेंशियल एग्रीमेंट है , जिसमे पॉलिसी होल्डर एक कंपनी से पॉलिसी खरीदता है. इस पॉलिसी के तहत, अगर पॉलिसी टर्म के दौरान पॉलिसी होल्डर की मौत हो जाती है तो उसके नॉमिनी को फाइनेंशियल कंपनसेशन मिलती है. इससे पॉलिसी होल्डर की फैमिली को फाइनेंशियल सिक्योरिटी मिलती है और ये एक इकोनॉमिक हार्डशिप से बचने का एक तरीका होता है . लाइफ इंश्योरेन्स अलग अलग प्लान्स में आता है, जिसमे टर्म इंश्योरेन्स, एंडोमेंट प्लान्स, ULIP s, होल लाइफ इंश्योरेंस , और मनी बैक प्लान्स शामिल होते हैं!
जनरल इंश्योरेंस क्या होता है ?
सामान्य बीमा (जनरल इंश्योरेंस) भी एक बीमा होता है लेकिन जीवन बीमा से अलग होता है. इसमें पॉलिसी होल्डर अपनी संपत्ति, स्वास्थ्य, यात्रा, या अन्य समय समय पर आने वाले खतरे के खिलाफ सुरक्षा प्राप्त करता है। यह बीमा शॉर्ट टर्म रिस्क के लिए होता है और पॉलिसी होल्डर को फिक्स्ड टाइम तक प्रोटेक्शन देता है।
यह कुछ मुख्य बीमा प्रकार है।
जैसे की हैल्थ इंश्योरेंस (स्वास्थ्य बीमा), मोटर इंश्योरेंस (वाहन बीमा), होम इंश्योरेंस (घर का बीमा), ट्रैवल इंश्योरेंस (यात्रा बीमा), कमर्शियल इंश्योरेंस (व्यापारी बीमा), और लाइबिलिटी इंश्योरेंस (जिम्मेदारी बीमा). इन पॉलिसीयो के तहत नुकसान के केस में पॉलिसिहोडर को फाइनेशियल कंपनसेशन मिलता है, जो उनके कवरेज और पॉलिसी कंडीशन के मुताबिक़ मिलता है।
लाइफ इंश्योरेंस कितने तरह का होता है।
जीवन बीमा (लाइफ इंश्योरेंस) कुछ कैटेगरीज में आता है. जो इस प्रकार हैं :
(1). टर्म इंश्योरेंस (अवधी बीमा): ये सबसे बेसिक फॉर्म है, टर्म इंश्योरेंस प्लान एक बोहोत ही सिंपल प्लान है ये प्लान आपकी लाइफ को एक ऐसा कवर देता है जिसमे अगर आप घर के मुखिया है या आपका परिवार आप पर ही डिपेंड (आश्रित) है और अगर आपको कुछ होगया तो आपके परिवार का पालन पोषण , परिवार की जरूरतें कौन पूरी करेगा। मतलब अगर आपने ये पॉलिसी ले ली और पॉलिसी के दौरान भगवान ना करे की आपको कुछ होगया। तो पॉलिसी होल्डर (आपकी) की डेथ केस में सम एश्योर्ड (फिक्स्ड अमाउंट) फैमिली को मिलेगा. इसमें मैच्योरिटी बेनिफिट्स नहीं होते। इस प्लान की बाकी सारी जानकारी नेक्स्ट आर्टिकल में जल्द ही आने वाली है।
(2). एंडोमेंट पॉलिसी (अनुदान बीमा): इसमें पॉलिसी होल्डर को मैच्योरिटी बेनिफिट्स मिलते हैं , ये प्लान इंश्योरेंस टर्म पूरा होने पर (मैच्योरिटी पर) पॉलिसी होल्डर को पूरा सम एश्योर्ड देती है, लेकिन अगर पॉलिसी टर्म के दौरान पॉलिसी होल्डर की डेथ होजाये तो नॉमिनी को पूरी बीमा राशि के साथ डेथ बेनिफिट्स (मृत्यु लाभ) भी मिलता है। एंडोमेंट पॉलिसी आपकी लाइफ इंश्योरेंस के साथ ही सेविंग्स (बचत) करने में भी मदद करती है। ये प्लान आपकी जिंदगी का ऐसी प्रोटेक्शन है जो आपके परिवार को उस स्थिति में मदद करता है की अगर आपका परिवार आपके होते हुए सिर्फ आप पर आश्रित (डिपेंड) था, और आपके ना रहने पर आपका परिवार फाइनेंशियल प्रोब्लम से परेशान होता है। एंडोमेंट प्लान में निवेश (इन्वेस्ट) करने पर टैक्स पर भी छूट मिलती है। इस प्लान के कई बेनिफिट्स भी हैं जो next post में चर्चा करेंगे।
(3). यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान्स (ULIPs): यह प्लान इन्वेस्टमेंट और इंश्योरेंस को कंबाइन करता है. इसमें आप अपने प्रीमियम्स को इन्वेस्ट करते हैं और मार्केट परफॉर्मेंस के हिसाब से रिटर्न्स लेते हैं।
(4). होल लाइफ इंश्योरेंस (सम्पूर्ण जीवन बीमा): इसमें पॉलिसी होल्डर की डेथ के बाद भी फैमिली को सम एश्योर्ड मिलता है, और पॉलिसी होल्डर की पूरी जिंदगी तक कवरेज होती है। इसमें सबसे पॉपुलर प्लान है जीवन उमंग प्लान। ये पूरी लाइफ का कवर प्लान है। इसमें आप लोन भी ले सकते हैं।
(5). मनी बैक पॉलिसी (पैसे वापस बीमा): ये प्लान एंडोमेंट पॉलिसी के जैसा प्लान है इसमें फरक ये है की इसमें सारा अमाउंट मैच्योरिटी पर नही मिलता कुछ अमाउंट बीच में भी मिलता है जैसे आपने अगर 20 साल की पॉलिसी ली है तो 20 साल ही प्रीमियम देना होगा लेकिन मैच्योरिटी से पहले ही बीच में ही कुछ अमाउंट मिलेगा। जिसे कहते है पार्शियल अमाउंट जो की पॉलिसी होल्डर को रेगुलर इंटरवल्स पर मिलता है मैच्योरिटी पर बाकी सम एश्योर्ड मिलता है।
(6). चाइल्ड प्लान (बच्चो का बीमा): ये एक ऐसा प्लान है दोस्तो जिसे आप अपने बच्चो के लिए लेते हैं अभी आपके बच्चे छोटे हैं तो आप आज से ही उनके आने वाले भविष्य के लिए सम एश्योर्ड डालना शुरू करते हैं और इस पॉलिसी में डाला हुआ पैसा भविष्य में आप अपने बच्चो की बड़ी पढ़ाई (एजुकेशन), बच्चो की शादी , उनके किसी बिज़नेस सेटअप के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।
आपकी ज़रूरत और फाइनेंशियल गोल्स के हिसाब से, आप अपने लिए सूटेबल जीवन बीमा प्लान चुन सकते हैं।
जनरल इंश्योरेंस कितने तरह का होता है?
जनरल इंश्योरेंस भी कुछ कैटेगरीज में आता है।
(1). हैल्थ इंश्योरेंस (स्वास्थ्य बीमा): यह बीमा मेडिकल एक्सपेंस के खर्चे के खिलाफ कवरेज देता है.
(2). मोटर इंश्योरेंस (वाहन बीमा): ये बीमा व्हीकल के नुकसान के खिलाफ कवरेज देता है , जिसमें कार इंश्योरेंस और टू व्हीलर इंश्योरेंस शामिल है।
(3). होम इंश्योरेंस (घर का बीमा): इसमें प्रॉपर्टी के नुकसान के खिलाफ कवरेज होती है, जैसे की आग, चोरी, नैचुरल डिजास्टर के केस में।
(4). ट्रैवल इंश्योरेंस (यात्रा बीमा): यह बीमा यात्रा के दौरान आने वाले नुकसान के लिए कवरेज देता है जैसे की ट्रिप कैंसिलेशन, बैगेज लॉस, या मेडिकल इमरजेंसी।
(5). कमर्शियल बीमा (व्यापारी बीमा): व्यापारियों के व्यवसायिक नुकसान के खिलाफ प्रोटेक्शन के लिए होता है, जैसे की बिजनेस प्रॉपर्टी इंश्योरेंस, लाइबिलिटी इंश्योरेन्स आदि।
(6). लाइबिलिटी इंश्योरेन्स (जिम्मेदारी बीमा): यह थर्ड पार्टी क्लेम के खिलाफ प्रोटेक्शन देता है जिसमे आपको फाइनेंशियल सपोर्ट मिलती है।
हर प्रकार की सामान्य बीमा अलग कंडीशन, प्रीमियम, और और कवरेज के साथ आती है।

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